कुंभ मेला 12 वर्षों में एक बार लगता है
कुंभ मेला 12 वर्षों में एक बार लगता है लेकिन 12 वर्षों में ही क्यों लगता है ? 11 वर्षों में क्यों नहीं लगता ? किसने निर्णय लिया था कि यह मेला 12 वर्षों पर लगा करेगा? वास्तव में यह ऋषि मुनियों के एस्ट्रोलॉजी से निकला एक शुभ अवसर था जिस में उन्होंने बताया था कि इंसान की ज़िंदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बृहस्पति ग्रह एक चक्कर क़रीब 12 वर्षों में लगाता है। बृहस्पति ग्रह का हमारे भाग्य चमकाने में बहुत बड़ा हाथ होता है। ख़ैर, असल बात तो ये है कि आदिकाल में ही ऋषियों ने कैसे गणना कर ली कि बृहस्पति ग्रह एक चक्कर 12 वर्षों में लगाता है? उनको कैसे पता चला कि यह ग्रह है? क्या उन्होंने 12 सालों तक देखा ? लेकिन देखेंगे किस चीज से ? ग्रह की चाल (स्पीड) को मापने की विधि क्या थी ? अब ऐसे प्रश्नों पर शोध करेंगे तो आज के विज्ञान की भारी बेइज़्ज़ती हो जाएगी। 🔶 कुंभ के 14 अखाड़े, जानें क्या है महत्व🔶 कुंभ का मेला विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में से एक है. लाखों की संख्या में लोग इस मेले में शामिल होते हैं. कुंभ का मेला हर 12 वर्षो...