कुम्भ महापर्व-प्रयागराज
।। कुम्भ महापर्व-प्रयागराज ।।
अन्तः शून्यो बहिः शून्यः, शून्यः कुम्भ इवाम्बरे।
अन्तः पूर्णो बहिः पूर्णः पूर्ण कुम्भ इवार्णवे ।।
अर्थात् जिस प्रकार एक खाली कुम्भ आकाश में हो तो उसके भीतर तथा बाहर सर्वत्र आकाश ही रहता है तथा जल से पूर्ण कुम्भ समुद्र में डूबा हो तो उसके भीतर और बाहर सर्वत्र जल ही रहता है, उसी प्रकार इस जगत में सर्वत्र तथा इसके बाहर भी सर्वश्रेष्ठ आत्मा ही है। स्पष्ट है कि कुम्भ पर्व आत्मा, आत्मज्ञान जैसी सर्वश्रेष्ठ की प्राप्ति से जुड़ा हुआ है।
अवश्मेध सहस्राणि वाजपेय शतानि च।
लक्ष प्रदक्षिणा भूमेः कुम्भ स्नानेन तत्फलम् ।।
अर्थात् सहस्रों अश्वमेध यज्ञ करने से, सैकड़ों वाजपेय यज्ञ करने से और लाख बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा करने से जो फल प्राप्त होता है, वह पुण्य फल केवल कुम्भ स्नान करने से प्राप्त हो जाता है।
दर्शनात् स्पर्शनात् पानात् तथा गंगेति कीर्तनात्।
स्मरणादेव गंगायाः सद्यः पापात् प्रमुच्यते ।।
अर्थात् माँ गंगा के दर्शन, स्पर्श, पान (पीने से), गंगा नाम के कीर्तन से तथा गंगाजी के स्मरण मात्र से ही सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
मकरे च दिवानाथे वृषगे च बृहस्पतौ।
कुम्भ योगो भवेत् तत्र प्रयागे हि अति दुर्लभे ।।
जब सूर्य और चन्द्रमा मकर राशि में हों और वृहस्पति वृष राशि पर हों तथा अमावस्या तिथि हो तो तीर्थराज प्रयाग में कुम्भ महापर्व मनाया जाता है। यह योग प्रत्येक बारह वर्ष में आता हैं। इस वर्ष संवत् 2081 शाके 1946 दिन बुधवार दिनांक 29 जनवरी 2025 को कुम्भ महापर्व का योग हो रहा है। इसी दिन मुख्य शाही स्नान होगा। त्रिवेणी अर्थात् गंगा, यमुना व सरस्वती के संगम में स्नान करके प्राणी अनेक पापों से मुक्त होकर स्वर्गिक सुखों का अधिकारी बन जाता है।
प्रयागे माघ मासे कुम्भ पर्वे तु त्रयः स्नानस्य यत् फलम्। अश्वमेध सहखेण तत् फलं लभते भुवि।।
माघ मास मे कुम्भ पर्व पर तीर्थराज प्रयाग में तीन दिन भी नियम पूर्वक स्नान कर लेने से एक हजार अवश्मेध यज्ञों को करने के बराबर पुण्य प्राप्त हो जाता हैं।
।। मुख्य शाही स्नान ।।
प्रथम शाही स्नान माघ कृष्ण प्रतिपदा दिन मंगलवार दिनांक 14 जनवरी 2025 (मकर संक्रान्ति) द्वितीय शाही स्नान माघ कृष्ण अमावस्या दिन बुधवार दिनांक 29 जनवरी 2025 (मौनी अमावस्या)
तृतीय शाही स्नान माघ शुक्ल पंचमी दिन सोमवार 3 फरवरी 2025 (वसन्त पंचमी)
卐 इसके अतिरिक्त अन्य स्नान पर्व इस प्रकार हैं
卐 1. पौष शुक्ल पूर्णिमा दिन सोमवार दिनांक 13 जनवरी 2025 (पौषी पूर्णिमा)
卐 2. माघ कृष्ण एकादशी दिन शनिवार दिनांक 25 जनवरी 2025 (षट्तिला एकादशी)
卐 3. माघ शुक्ल षष्ठी/सप्तमी दिन मंगलवार दिनांक 4 फरवरी 2025 (अचला सप्तमी)
卐 4. माघ शुक्ल एकादशी दिन शनिवार दिनांक 8 फरवरी 2025 (जया एकादशी)
卐 5. माघ शुक्ल पूर्णिमा दिन बुधवार दिनांक 12 फरवरी 2025 (माघी पूर्णिमा)
卐 6. फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा दिन गुरूवार दिनांक 13 फरवरी 2025 (कुम्भ की संक्रान्ति)
卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐
Comments
Post a Comment