पहली बार हरिद्वार में 12 साल की बजाए 11वें साल में आयोजित होगा।
कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है. भारत में हर 12वें वर्ष हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में इसका आयोजन किया जाता है. हालांकि, कुंभ मेले के इतिहास में पहली बार ये पहली बार हरिद्वार में यह 12 साल की बजाए 11वें साल में आयोजित होगा. 2022 में लगने वाला कुंभ मेला इस साल हरिद्वार में होने वाला है, क्योंकि ग्रह-गोचर चल रहे हैं.
कुंभ मेला की तैयारियां अंतिम चरण में है. इस वर्ष कुंभ मेला हरिद्वार में लगने जा रहा है. कुंभ का मेला इस वर्ष 11वें साल बाद पड़ रहा है. 12 साल में कुंभ मेले का आयोजन होता है, लेकिन साल 2022 में गुरु, कुंभ राशि में नहीं होंगे. इसलिए इस बार 11वें साल में कुंभ का आयोजन हो रहा है. इस वर्ष 11 मार्च 2021 में शिवरात्रि के अवसर पर कुंभ मेला का पहला शाही स्नान आयोजित किया जाएगा. कुंभ मेला का तीसरा शाही स्नान 14 अप्रैल 2021 को मेष संक्रांति के अवसर पर होगा
दरअसल अमृत योग का निर्माण काल गणना के अनुसार होता है. जब कुंभ राशि का गुरु आर्य के सूर्य में परिवर्तित होता है. अर्थात गुरु, कुंभ राशि में नहीं होंगे. इसलिए इस बार 11वें साल में कुंभ का आयोजन हो रहा है. 83 वर्षों की अवधि के बाद, इस वर्ष यह अवसर आ रहा है. इससे पहले, इस तरह की घटना वर्ष 1760, 1885 और 1938 में हुई थी.
कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को जागरुक भी किया जा रहा है और मेला पुलिस लगातार अनाउंसमेंट भी करेगी। बता दें कि 14 जनवरी यानि मकर संक्रांति से ही कुंभ मेले की शुरूआत हो चुकी है और श्रद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार पहुंचने लगी है। कुंभ में पूरी दुनियाभर से लोग पहुंचते हैं। इसी कारण सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हरकी पैडी पर स्नान करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। बताते हैं कि यहां हर पांच मिनट में करीब 10 हजार लोग स्नान कर सकते हैं। कुछ पर्व स्नान पर इतनी भीड़ उमड़ती है कि हरकी पैड़ी और आसपास के घाट फुल हो जाते हैं।
लगातार भीड़ आने से यहां के घाट लबालब भर जाते हैं जिस कारण हरकी पैड़ी पर दबाव बन जाता है। बीते साल सोमवती अमावस्या के स्नान पर यह सब देखने को मिला था। उस स्नान में उमड़ी भीड़ ने पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फुला दिए थे। डीजीपी अशोक कुमार को हरिद्वार पहुंचना पड़ा था। कुंभ में इस तरह की स्थिति न हो इसके लिए तीन डुबकी लगाने की योजना बनाई जा रही है। तीन डुबकियों से ज्यादा लगाने वालों पर पुलिस फोकस करेगी। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि भीड़ न हो और हरकी पैड़ी पर हर कोई स्नान कर सकें। कहा जाता है कि तीन डुबकी लगाने से तीनों लोकों का फल मिल जाता है।
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